आज हम बात करेंगे अजय देवगन की नई कॉमेडी फिल्म Son of Sardaar 2 के बारे में, जो 2012 में आई हिट फिल्म Son
of Sardaar का स्टैंडअलोन सीक्वल है। इस फिल्म का निर्देशन किया है विजय कुमार अरोड़ा ने और कहानी है हँसी, झूठ और मस्ती से भरपूर एक पागलपन भरे ड्रामे की।
फिल्म की कहानी शुरू होती है जस्सी से, जिसका किरदार निभाया है अजय देवगन ने। जस्सी पिछले 13 सालों से स्कॉटलैंड जाने के लिए वीजा का इंतजार कर रहा था, ताकि अपनी पत्नी, (नीरू बाजवा) के साथ मिल सके। जब उसका वीजा आखिरकार मंजूर होता है और वह स्कॉटलैंड पहुँचता है, तो लगता है कि अब उसकी ज़िंदगी खुशहाल हो जाएगी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर होता है। उसकी पत्नी उससे तलाक माँग लेती है।
टूटे दिल के साथ जस्सी की मुलाकात होती है राबिया से, जो एक डांस ट्रूप चलाती है। राबिया की ज़िंदगी भी कुछ कम उलझी हुई नहीं है। उसका पति दानिश उसे धोखा देकर पैसे लेकर भाग गया है। राबिया के साथ उसके कुछ खास दोस्त भी रहते हैं – एक ट्रांसजेंडर महिला गुल, मेविश, और उसकी सौतेली बेटी सबा।
कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब जस्सी को राबिया का पति और एक बहादुर फौजी कर्नल बनकर दिखाना पड़ता है। दरअसल, राबिया की बेटी सबा की शादी होने वाली है, लेकिन लड़के का बाप राजा एक खतरनाक गैंगस्टर है जो डांसरों और पाकिस्तानियों से नफरत करता है। चूंकि राबिया और उसके दोस्त पाकिस्तानी हैं, इसलिए शादी की बात तब तक नहीं बन सकती जब तक जस्सी एक आदर्श पति और देशभक्त नज़र न आए।
अब जस्सी को बनना है एक झूठा हीरो – ऐसा हीरो जो बॉर्डर फिल्म के तीन किरदारों की एक्टिंग कर सके और सबको यकीन दिला दे कि वह सच में एक बहादुर कर्नल है। जब राजा अपनी फैमिली के साथ शादी पक्की करने आता है, तो जस्सी एक ज़बरदस्त एक्ट करता है जिसमें वह सनी देओल, सुनील शेट्टी और जैकी श्रॉफ की भूमिकाएँ खुद ही निभाता है। यह सीन फिल्म के सबसे फनी और यादगार दृश्यों में से एक है।
लेकिन मुश्किलें यहाँ खत्म नहीं होतीं। राजा के दो भाई टिटू और टोनी को जस्सी पर शक हो जाता है और वे उसकी सच्चाई जानने की कोशिश में लग जाते हैं। जस्सी एक के बाद एक चालें चलता है, झूठ पर झूठ बोलता है, और हास्य की एक नई लहर लेकर आता है।
फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी एंटरटेनिंग है, जिसमें मज़ेदार पंच, इंडिया-पाकिस्तान राइवलरी जोक्स और फुल-ऑन कॉमिक सिचुएशन्स देखने को मिलती हैं। लेकिन सेकंड हाफ में कहानी थोड़ी उलझ जाती है। कई सारे नए किरदार, अलग-अलग ट्रैक्स और कुछ स्लो गाने फिल्म की गति को धीमा कर देते हैं।
क्लाइमेक्स काफी ड्रामेटिक और प्रिडिक्टेबल है, लेकिन फिर भी फिल्म कई जगहों पर हँसी का डोज देती है। खासकर जस्सी और राजा की टकराहट वाले सीन आपको गुदगुदा देंगे।
अभिनय की बात करें तो -
अजय देवगन जस्सी के रोल में बेहतरीन लगे हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग और इमोशनल एक्सप्रेशन्स दर्शकों को बाँधकर रखते हैं।
मृणाल ठाकुर एक मज़बूत महिला के रूप में जमी हैं और अपने किरदार को पूरी मजबूती से निभाया है।
रवि किशन ने राजा के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है। उनका एंग्री गैंगस्टर वाला अवतार काफी मज़ेदार बन पड़ा है।
मुकुल देव और विंदु दारा सिंह की जोड़ी ने कई कॉमिक सीन में जान डाल दी है।
दीपक डोब्रियाल एक ट्रांसजेंडर के किरदार में सधे हुए नज़र आए हैं।
हालांकि संजय मिश्रा जैसे बेहतरीन कलाकार को फिल्म में पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया।
Son of Sardaar 2, एक मसाला एंटरटेनर है जिसमें ढेर सारी मस्ती, झूठ और कॉमिक ट्विस्ट हैं। यह फिल्म कोई बड़ी मेसेज वाली फिल्म नहीं है, लेकिन अगर आप हल्की-फुल्की हँसी और एंटरटेनमेंट चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको ज़रूर पसंद आएगी।
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