BHOOTNII - SANJAY DUTT STARRING HINDI MOVIE REVIEW

 



नमस्कार दोस्तों! आज हम बात करने जा रहे हैं 2025 में रिलीज़ हुई एक अनोखी कॉमेडी हॉरर फिल्म भूतनी” (The Bhootnii) के बारे में। इस फिल्म का निर्देशन किया है सिद्धांत सचदेव ने और इसके निर्माता हैं दीपक मुकुट और संजय दत्त जी हाँ, आपने सही सुनाइस फिल्म में संजय दत्त खुद एक महत्वपूर्ण किरदार निभाते हैं। इनके साथ मुख्य भूमिकाओं में हैं सनी सिंह, मौनी रॉय, और पलक तिवारी

फिल्म 1 मई 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और अपनी दिलचस्प कहानी और डरावनी लेकिन मज़ेदार घटनाओं की वजह से दर्शकों को खूब पसंद आई।

फिल्म की पृष्ठभूमि है दिल्ली का एक काल्पनिक कॉलेजसेंट विन्सेंट कॉलेज यह कॉलेज अपने पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि एक अजीब और रहस्यमयीवर्जिन ट्री” (Virgin Tree) की वजह से मशहूर है।

कहा जाता है कि इस पेड़ के नीचे अगर कोई लड़का या लड़की वैलेंटाइन डे पर सच्चे दिल से प्रार्थना करे, तो उसे सच्चा प्यार ज़रूर मिल जाता है। सुनने में कितना रोमांटिक लगता है ना? लेकिन दोस्तों, हर कहानी का दूसरा पहलू भी होता है।

इसी पेड़ से जुड़ा एक और डरावना रहस्य हैहर साल होलिका दहन की रात कॉलेज का एक छात्र रहस्यमय तरीके से मारा जाता है। कहते हैं कि उस छात्र की आत्मा नहीं, बल्कि एक बदला लेने वाली आत्मा उसे अपने कब्जे में ले लेती है।

अब एंट्री होती है हमारे हीरो शांतनु की। शांतनु एक साधारण सा कॉलेज छात्र है, लेकिन उसका दिल हाल ही में टूटा है। उसकी गर्लफ्रेंड ने उसे छोड़ दिया है और वह अंदर से बुरी तरह टूट चुका है।

अपने टूटे दिल को सँभालने के लिए, वैलेंटाइन डे पर वह पहुँच जाता है उसी वर्जिन ट्री के पास। वहाँ खड़े होकर वह सच्चे दिल से प्रार्थना करता हैउसे कोई ऐसा प्यार मिले जो कभी उसे छोड़े नहीं।

लेकिन दोस्तों! कहते हैं – “कभी-कभी जो हम माँगते हैं, वो हमें मिल तो जाता है, लेकिन जिस रूप में मिलता है, उसके बारे में हमने सोचा भी नहीं होता।

शांतनु की प्रार्थना सुन लेती है एक आत्माजिसका नाम है मोहब्बत मोहब्बत की कहानी बेहद दर्दनाक है। कभी वो भी इस कॉलेज की छात्रा थी, लेकिन अधूरी मोहब्बत और धोखे की वजह से उसकी मौत हो गई। तभी से उसकी आत्मा इस कॉलेज से बंधी हुई है।

शांतनु की पुकार उसके दिल को छू जाती है और वह उस पर पूरी तरह फ़िदा हो जाती है। धीरे-धीरे मोहब्बत की आत्मा शांतनु की ज़िंदगी में दखल देने लगती है

शुरुआत में शांतनु को यह अजीब लगता है, लेकिन जब भी कोई लड़की उसके करीब आने की कोशिश करती हैतो वह आत्मा उस लड़की को डरा-धमका कर भगा देती है। मोहब्बत की आत्मा को कोई और पसंद नहीं है, उसे सिर्फ शांतनु चाहिएऔर सिर्फ़ उसी के लिए।

धीरे-धीरे कॉलेज का माहौल डरावना बनने लगता है।

·        कोई क्लासरूम में अजीब आवाज़ें सुनता है।

·        किसी की किताबें अपने आप उड़ने लगती हैं।

·        लैब में रखी मशीनें अपने आप चालू-बंद होती रहती हैं।

·        और सबसे डरावनारात के अंधेरे मेंमोहब्बतका डरावना साया दिखाई देता है।

कॉलेज के छात्र दहशत में जाते हैं। कॉलेज प्रशासन को समझ नहीं आता कि यह सब कैसे रोका जाए।

तभी कहानी में एंट्री होती है बाबा की। यह किरदार निभा रहे हैं संजय दत्त बाबा असल में एक पैराफ़िज़िसिस्ट (Paraphysicist) हैं, मतलबवह इंसान जो विज्ञान और आत्माओं, दोनों का अध्ययन करता है।

और मज़ेदार बात ये है कि बाबा भी कभी इसी कॉलेज के छात्र रह चुके हैं। यानी, उन्हें इस कॉलेज और इसके रहस्यों के बारे में काफी जानकारी है।

बाबा अपने साथ कुछ अजीब और अनोखे गैजेट्स लेकर आते हैंजैसे भूत पकड़ने की मशीनें, आत्माओं को रोकने वाले मंत्रों की रिकॉर्डिंग, और कई वैज्ञानिक उपकरण।

जाँच-पड़ताल के दौरान बाबा को पता चलता है कि यह आत्मा कोई और नहीं, बल्कि मोहब्बत नाम की लड़की है।

सालों पहले मोहब्बत को इस कॉलेज में किसी ने धोखा दिया था। उसका प्यार अधूरा रह गया, और गुस्से दुख की वजह से उसने अपनी जान दे दी। तभी से उसकी आत्मा हर साल होलिका दहन पर एक छात्र की जान लेती रही है।

उसकी आत्मा तभी शांत होगी, जब कोई उसे सच्चा प्यार देगा या उसकी अधूरी कहानी पूरी होगी।

अब कहानी अपने क्लाइमैक्स पर पहुँचती है।

·        मोहब्बत की आत्मा पूरी तरह शांतनु को अपना बनाने पर अड़ी है।

·        बाबा अपनी मशीनों और तंत्र-मंत्र के ज़रिए आत्मा को रोकने की कोशिश करते हैं।

·        कॉलेज के छात्र भी डर से भाग-दौड़ कर रहे हैं।

फिल्म का यह हिस्सा बेहद रोमांचक और डरावना होता है, जहाँ कॉमेडी और हॉरर दोनों का अनोखा तड़का लगता है।

आख़िरकार, बाबा मोहब्बत की आत्मा से उसका दर्द साझा करते हैं और शांतनु भी उसे समझाता है कि प्यार ज़बरदस्ती से नहीं, बल्कि दिल से मिलता है।

यह सुनकर मोहब्बत की आत्मा रो पड़ती है और धीरे-धीरे शांत हो जाती है। उसकी आत्मा को मुक्ति मिल जाती है और कॉलेज फिर से सामान्य हो जाता है।

दोस्तों, भूतनी एक ऐसी फिल्म है जिसमें डर भी है, कॉमेडी भी है और प्यार का एहसास भी।

·        संजय दत्त का बाबा वाला रोल फिल्म की जान है।

·        सनी सिंह का मासूम और दिल टूटा हुआ किरदार दर्शकों को खूब भाया।

·        मौनी रॉय और पलक तिवारी ने भी अपनी-अपनी भूमिकाओं से फिल्म में रंग भरे।

फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है इसका अनोखा कॉलेज का माहौल, “वर्जिन ट्रीकी रहस्यमयी कहानी और आत्मामोहब्बतका डरावना लेकिन भावुक सफर।

तो दोस्तों, यह थी भूतनी (The Bhootnii 2025) की पूरी कहानी। यह फिल्म हमें सिखाती है कि प्यार जबरदस्ती से नहीं, बल्कि अपनापन और सच्चे दिल से मिलता है। साथ ही यह भी दिखाती है कि अधूरी मोहब्बत इंसान को किस हद तक तोड़ सकती है।

अगर आपको कॉमेडी और हॉरर का मिला-जुला तड़का पसंद है, तो यह फिल्म आपके लिए बिल्कुल सही है।



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