"LOVE" - SALMAN KHAN & REVATHI HINDI MOVIE REVIEW / A ROMANTIC DRAMA FILM



आज हम बात कर रहे हैं 1991 में आई एक रोमांटिक फिल्म “Love” की, जिसमें लीड रोल में हैं सलमान खान और रेवती, जो इस फिल्म के ज़रिए बॉलीवुड में पहली बार नज़र आई थीं।

 

ये फिल्म तेलुगु की सुपरहिट फिल्म "Prema" (1989) का रीमेक है।
हालाँकि, हिंदी वर्ज़न उतनी बड़ी हिट नहीं बन सकी, लेकिन इसका गाना साथिया तूने क्या किया आज भी रोमांस का आइकॉनिक सॉन्ग माना जाता है।

 

फिल्म की शुरुआत होती है पृथ्वी, (सलमान खान) से, जो एक यंग लड़का है और अपने बचपन में ही एक बड़ा गुनाह कर बैठता है।

 

उसने अपने निर्दयी पिता, (सुधीर कुमार) की हत्या कर दी थी, जो उसकी माँ को इतना प्रताड़ित करता था कि उन्होंने आत्महत्या कर ली।

 

इस दर्दनाक घटना के बाद, पृथ्वी को जुवेनाइल जेल में भेजा जाता है।
अब वो एक ऐसा इंसान बन चुका है जो किसी भी अन्याय को बर्दाश्त नहीं करता।

 

एक दिन पृथ्वी की मुलाकात होती है मैगी पिंटो, (रेवती) से।
कुछ कॉइनसिडेंटल मुलाकातों के बाद, दोनों के बीच प्यार पनपता है

 

मैगी एक अच्छे परिवार से है, पढ़ी-लिखी और मासूम लड़की है।


वहीं पृथ्वी थोड़ा गुस्सैल, लेकिन दिल का साफ इंसान है।

 

धीरे-धीरे ये प्यार गहराता जाता है।

 

मैगी, पृथ्वी को अपने घर ले जाती है ताकि अपने माता-पिता से मिलवा सके।
लेकिन जब उसके माता-पिता को पृथ्वी के क्रिमिनल पास्ट के बारे में पता चलता है, तो वे इस रिश्ते से इनकार कर देते हैं।

 

मैगी की माँ स्टेला पिंटो, (रीता भादुरी) को लगता है कि पृथ्वी उनके परिवार के लिए खतरा है।

 

जब दोनों फिर भी साथ रहने की ज़िद करते हैं, तो स्टेला पुलिस को बुला लेती हैं, और पृथ्वी को दोबारा जेल भेज दिया जाता है।

 

इस कठिन समय में, गुरुजी, (अमजद ख़ान) पृथ्वी की मदद करते हैं और उसे जमानत पर रिहा करवा देते हैं।

 

रिहा होने के बाद भी, पृथ्वी और मैगी का प्यार कमजोर नहीं होता
वे छिपकर मिलते हैं, बातें करते हैं, सपने बुनते हैं।

 

लेकिन स्टेला यह सब सहन नहीं कर पातीं और एक कदम और आगे बढ़ जाती हैं।

 

स्टेला गुंडों को भेजती हैं ताकि पृथ्वी को सबक सिखाया जा सके।
इस हमले में पृथ्वी को तो चोट लगती है, लेकिन मैगी बुरी तरह घायल हो जाती है

 

यह घटना पूरी कहानी को मोड़ देती है
अब केवल प्रेम की लड़ाई नहीं रह जाती, यह एक इंसान की छवि, संघर्ष और भरोसे की परीक्षा बन जाती है।

 

मैगी का घायल होना, उसके माता-पिता के मन में डर और नफरत को और बढ़ा देता है।


वहीं पृथ्वी खुद को दोषी मानता है लेकिन मैगी का साथ छोड़ने को तैयार नहीं होता

 

फिल्म अब सवाल उठाती है
क्या एक इंसान का अतीत उसके भविष्य को तय करता है?

 

क्या सच्चा प्यार हर दीवार तोड़ सकता है?

 

तेलुगु वर्ज़न के मुकाबले, जहाँ क्लाइमैक्स ट्रैजिक था,
“Love”
के डायरेक्टर सुरेश कृष्णा ने हिंदी ऑडियंस के लिए एक सुखद अंत चुना।

 

कहानी के अंत में, मैगी ठीक हो जाती है


उसके परिवार को भी समझ आता है कि पृथ्वी दिल से बुरा इंसान नहीं है।

 

आख़िरकार, प्यार जीतता है, और पृथ्वी और मैगी एक हो जाते हैं

 

इस फिल्म को आज भी याद किया जाता है उसके गानों के लिए
खासकर साथिया तूने क्या किया...”
ये गाना सलमान और रेवती के बीच की केमिस्ट्री को और भी खूबसूरत बना देता है।

 

 “Love (1991)एक भावुक प्रेम कहानी है
जहाँ एक गुनहगार का दिल भी सच्चे प्यार से बदल सकता है।

 

ये फिल्म हमें सिखाती है कि कभी-कभी ज़िंदगी में दूसरा मौका भी बहुत कुछ बदल सकता है।

 

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