SAAJAN - HINDI MOVIE REVIEW / A TALE OF LOVE, SACRIFICE AND FRIENDSHIP / SANJAY DUTT / MADHURI DIXIT



प्यार, बलिदान और दोस्ती की कहानी।


साजन 1991 में बनी एक हिट हिंदी रोमांटिक फिल्म है, जिसे लॉरेंस डिसूजा ने डायरेक्ट किया और सुधाकर बोकाडे ने प्रोड्यूस किया था। यह फिल्म एक मशहूर फ्रेंच नाटक "सायरानो डी बर्जरैक" (1897) से प्रेरित है। फिल्म में संजय दत्त, माधुरी दीक्षित और सलमान खान मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि कादर खान, रीमा लागू और लक्ष्मीकांत बेर्डे जैसे कलाकार सहायक भूमिकाओं में नज़र आते हैं। फिल्म का खूबसूरत संगीत नदीम-श्रवण ने दिया है और गानों के बोल समीर ने लिखे हैं।


साजन 30 अगस्त 1991 को रिलीज़ हुई और उस साल की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई। इसे दर्शकों और आलोचकों ने काफी पसंद किया। खासकर फिल्म के गाने और एक्टर्स की एक्टिंग को बहुत सराहा गया। इस फिल्म की लोकप्रियता इतनी थी कि इसे बाद में तेलुगु भाषा में "अल्लारी प्रियुदु" के नाम से रीमेक भी किया गया।


फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में इसे 11 कैटेगरीज में नॉमिनेशन मिला था, जिनमें सर्वश्रेष्ठ फिल्म, निर्देशक, अभिनेता और अभिनेत्री जैसे बड़े अवॉर्ड्स शामिल थे। इसमें से फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक, (मेल), के दो अवॉर्ड्स अपने नाम किए।


फिल्म की कहानी बहुत दिल को छू लेने वाली है, जिसमें प्यार, पहचान और त्याग के भाव गहराई से दिखाए गए हैं। ये फिल्म सिर्फ रोमांटिक है, बल्कि इंसानी जज़्बातों को भी बखूबी दिखाती है।

 

कहानी शुरू होती है दो बच्चों सेआकाश, एक अमीर बिज़नेसमैन राजीव वर्मा का बेटा, और अमन, एक अनाथ बच्चा जो शारीरिक रूप से विकलांग है। राजीव, अमन की सच्चाई और अकेलेपन से इतना प्रभावित होता है कि उसे गोद ले लेता है। शुरू में आकाश खुश नहीं होता, लेकिन धीरे-धीरे अमन से जुड़ जाता है। दोनों ऐसे भाई बन जाते हैं जो खून से नहीं, दिल से जुड़े होते हैं। राजीव की पत्नी कमला भी अमन को पूरे दिल से अपनाती है।


12 साल बाद, दोनों बड़े हो जाते हैं।

·        आकाश, (सलमान खान), एक मस्तमौला, हैंडसम और लापरवाह लड़का होता है जिसे जिंदगी से खेलने की आदत है।

·        अमन, (संजय दत्त), शांत स्वभाव का, सोचने-समझने वाला और भावुक होता है। वह अपनी भावनाओं को कविताओं के ज़रिए ज़ाहिर करता है, लेकिन "सागर" नाम से।


अमन की कविताएँ पढ़कर एक लड़की, पूजा सक्सेना, (माधुरी दीक्षित), उससे दिल से जुड़ जाती है। पूजा को सागर की कविताएँ इतनी पसंद आती हैं कि वो उसे ख़त लिखती रहती है, लेकिन नहीं जानती कि सागर असल में कौन है।


किस्मत का खेल देखिएएक बिज़नेस प्रोजेक्ट के सिलसिले में अमन ऊटी जाता है और वहीं पूजा से मिलता है। वह उसे पहचान लेता है, लेकिन अपनी पहचान छिपा लेता है। वो उससे दोस्ती करता है और धीरे-धीरे उसे प्यार करने लगता है, मगर अपनी सच्चाई नहीं बताता।


एक दिन पूजा को कुछ बदमाश परेशान करते हैं। अमन उसे बचाने की कोशिश करता है लेकिन अपनी कमजोरी के चलते हार जाता है। एक पुलिसवाले की बात उसे अंदर तक तोड़ देती हैकि जो आदमी एक लड़की की रक्षा नहीं कर सकता, वो उससे प्यार करने का हक़दार नहीं है। अमन को लगता है कि वो पूजा के काबिल नहीं है।


इसी बीच आकाश ऊटी जाता है और पूजा से प्यार करने लगता है। वो अमन को ये सब बताता है, लेकिन ये नहीं जानता कि अमन भी पूजा से प्यार करता है और वही सागर है। अमन अपने भाई की खुशी के लिए पीछे हट जाता है। वह आकाश से कहता है कि वह सागर बनकर पूजा से प्यार जताए।


आकाश पहले हिचकिचाता है, लेकिन मान जाता है। पूजा को लगता है कि वही उसका "सागर" है और वह भी उससे प्यार करने लगती है।


समय के साथ आकाश को लगने लगता है कि कुछ ठीक नहीं है। उसे शक होता है कि अमन और पूजा के बीच कोई खास रिश्ता है। जब उसे सच्चाई पता चलती है कि अमन ही असली सागर है और पूजा से सच्चा प्यार करता है, तो वह अंदर से टूट जाता है।


फिर वह पूजा को अमन के पास लाता है और अमन से कहता है कि वह अपनी सच्चाई खुद पूजा को बताए।


पूजा को यह सुनकर बहुत झटका लगता है। वह कहती है कि अगर अमन ने पहले बताया होता कि वह सागर है, तो शायद वो उसी से प्यार कर बैठती। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।


फिर भी, उसे एहसास होता है कि उसने जो प्यार किया था, वो किसी दिखावे के लिए नहीं थाबल्कि उस इंसान के लिए था जिसने वो खूबसूरत शब्द लिखे थे। और वह इंसान अमन है।


आख़िरकार, आकाश अपने प्यार का बलिदान देता है और अमन-पूजा को एक कर देता है। उनकी शादी तय हो जाती है। आकाश दिल पर पत्थर रखकर मुस्कुरा कर उन्हें विदा करता है। 


साजन एक ऐसी फिल्म है जो दिखाती है कि सच्चा प्यार हमेशा निस्वार्थ होता है। यह फिल्म दोस्ती, त्याग और दिल से जुड़े रिश्तों की अहमियत को खूबसूरती से पेश करती है।




 

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